Monday, March 2, 2020

आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ योगी सरकार वाक़ई सख़्त है?

समाजवादी पार्टी के सांसद आज़म ख़ान को गिरफ़्तार करने के बाद रामपुर जेल से सीतापुर जेल भेजे जाने और फिर उसके तुरंत बाद ज़िले के पुलिस अधीक्षक को हटाए जाने पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

एसपी पर आरोप थे कि वो आज़म ख़ान के प्रति 'सॉफ़्ट कॉर्नर' रख रहे थे लेकिन सवाल इस बात पर भी उठ रहे हैं कि दर्जनों मामले दर्ज होने के बावजूद आज़म ख़ान को जेल भेजने में साल भर से ज़्यादा समय क्यों लग गया?

आज़म ख़ान, उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म और पत्नी तंज़ीन फ़ातिमा जिस मामले में जेल गए हैं उसे कोर्ट में ले जाने वाले बीजेपी नेता आकाश सक्सेना कहते हैं कि पुलिस की ओर से न सिर्फ़ इस मामले में हीला-हवाली की गई बल्कि आज़म ख़ान को हर तरह की सहूलियत भी दी गई.

बीबीसी से बातचीत में आकाश कहते हैं कि उन्हें इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक करनी पड़ी और यही कारण है कि सरकार ने तत्काल एसपी का तबादला किया.

आकाश सक्सेना बीजेपी नेता हैं और उन्होंने आज़म ख़ान के बेटे के ख़िलाफ़ फ़र्ज़ी प्रमाण पत्र के अलावा दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड रखने के मामले भी दर्ज कराए थे जो जांच में सही पाए गए हैं. इन मामलों में आज़म ख़ान की गिरफ़्तारी की कोशिशें पिछले छह महीने से हो रही थीं लेकिन आख़िरकार आज़म ख़ान ने ख़ुद ही सरेंडर किया.

जहां तक पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र का सवाल है तो वो सिर्फ़ दो महीने पहले ही इस पद पर आए थे. आकाश सक्सेना कहते हैं कि इससे पहले भी पुलिस वालों ने आज़म ख़ान की गिरफ़्तारी में दिलचस्पी नहीं दिखाई जबकि कोर्ट की ओर से उनके ख़िलाफ़ बार-बार ग़ैर-ज़मानती वॉरंट जारी किए जा रहे थे.

आज़म ख़ान ने सरेंडर करने से पहले अग्रिम ज़मानत की अर्जी लगा दी थी और बताया जा रहा है कि पुलिस की कथित लापरवाही की वजह से ही उन्हें आठ मामलों में ज़मानत मिल गई.

आकाश सक्सेना कहते हैं, "अदालत ने ज़मानत अर्जी पर पुलिस से आख्यान मांगी थी लेकिन, पुलिस ने कोर्ट में अपनी कोई रिपोर्ट नहीं दी. इसी वजह से ज़मानत हो गई. पुलिस की लापरवाही की शिकायत मुख्यमंत्री तक की गई."

आज़म ख़ान ने पिछले महीने 26 फ़रवरी को एडीजे कोर्ट में सरेंडर किया और उन्हें अगले दिन सुबह ही सीतापुर जेल भेज दिया गया. रामपुर के ज़िलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों को वजह बताया लेकिन जानकारों के मुताबिक, यह भी कथित तौर पर आज़म ख़ान की सहूलियत को ही ध्यान में रखकर किया गया.

आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ अवैध ज़मीन कब्ज़ाने और अन्य मामलों में कार्रवाई न होने पर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले रामपुर के समाजसेवी फ़ैसल लाला कहते हैं कि बीजेपी सरकार ने उनके ख़िलाफ़ मुक़दमे तो दर्ज किए लेकिन उसके आगे की कार्रवाई को जानबूझकर लटकाए रखा.

फ़ैसल कहते हैं, "पीड़ित लोगों को लेकर मैं तमाम जगहों पर गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. आख़िरकार हमने कोर्ट में पीआईएल डाली. कोर्ट ने संज्ञान लिया और सरकार से जवाब मांगा. इन सबके बावजूद आज़म ख़ान पर कार्रवाई में सरकार ढिलाई ही बरत रही थी. अब जबकि कोर्ट ने कुर्की के आदेश जारी कर दिए और सरकार को कोर्ट में जवाब देना था तब कहीं जाकर उन्हें सरेंडर कराया गया."

फ़ैसल लाला कहते हैं, "शासन का निर्देश नहीं मिल रहा था. डीएम ने नौ सदस्यीय जांच कमिटी बनाई थी. कमिटी ने पीड़ितों की शिकायत सही पाई और अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी. बावजूद इसके शासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया."

रामपुर में जब आज़म ख़ान सरेंडर कर रहे थे, उस वक़्त विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तंज़ कसते हुए कहा था, "रामपुर में बिजली गिर रही है." लेकिन, जिस तरीक़े से आज़म ख़ान और उनके परिवार के सदस्यों के ख़िलाफ़ ताबड़तोड़ तमाम मुक़दमे दर्ज कराए गए और ख़ुद आज़म ख़ान ये आरोप लगा चुके हैं कि सरकार उन्हें प्रताड़ित करने के मक़सद से ऐसा कर रही है, ऐसे में ये कहना कितना ठीक है कि सरकार उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में हीला-हवाली कर रही है और ऐसा क्यों करेगी?

इस सवाल के जवाब में फ़ैसल लाला कहते हैं, "इसका सीधा संबंध आज़म ख़ान की पत्नी तंज़ीम फ़ातिमा का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देने से है. रामपुर से उपचुनाव वो परिवार के किसी दूसरे व्यक्ति को भी लड़ा सकते थे लेकिन राज्यसभा से इस्तीफ़ा दिलाकर उन्होंने एक तरह से बीजेपी की राज्यसभा में एक सीट बढ़ाने में मदद की है. बीजेपी के लिए राज्यसभा में एक-एक सीट की अहमियत है. इसलिए बीजेपी सरकार कार्रवाई का दिखावा तो कर रही है लेकिन जो कुछ भी उसने अब तक किया है वो कोर्ट के दबाव में ही किया है, उससे अलग नहीं."

आज़म ख़ान पर जौहर विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपए सरकारी धन के दुरुपयोग के अलावा रामपुर में अवैध तरीक़े से किसानों की ज़मीन हथियाने से लेकर मवेशी चुराने और मदरसा आलिया की किताबें चुराने तक के आरोप लगे और ये सभी आरोप वहां के लोगों ने लगाए. स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर ज़बरदस्त नाराज़गी भी है.

रामपुर के रहने वाले मोहम्मद उस्मान कहते हैं, "उन्होंने जिस तरह से ग़रीब लोगों को परेशान किया, यही वजह है कि उनके साथ आज रामपुर के लोग नहीं खड़े हो पा रहे हैं. यतीमख़ाना में रहने वाले सैकड़ों ग़रीबों को उजाड़ दिया और ज़मीन पर अपना स्कूल बनवा दिया."

वरिष्ठ पत्रकार सुभाष मिश्र कहते हैं कि ये कहना ठीक नहीं है कि सरकार आज़म ख़ान को किसी तरह की रियायत बरतने के मूड में है.

सुभाष मिश्र कहते हैं, "बीजेपी से भले ही कोई डील हो लेकिन मुख्यमंत्री उनके प्रति कहीं से सॉफ़्ट नहीं दिखते. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ कार्रवाई करके एक राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं. उनको मालूम है कि आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी तो अखिलेश यादव उनके पक्ष में उतरेंगे और यदि अखिलेश यादव उनके पक्ष में उतरे तो यह बीजेपी को राजनीतिक लाभ देने वाला मुद्दा बन सकता है."

Friday, January 17, 2020

بأول خطبة جمعة يلقيها منذ 8 أعوام.. خامنئي: طهران وجهت صفعة لواشنطن

قال المرشد الإيراني علي خامنئي إن الولايات المتحدة الأميركية كشفت عن وجهها الإرهابي باغتيالها الجنرال في فيلق القدس بالحرس الثوري الإيراني قاسم سليماني، معتبرا أن طهران وجهت صفعة لواشنطن.

جاء ذلك في أول خطبة جمعة يلقيها منذ عام 2012، في سياق من التوترات الشديدة مع الولايات المتحدة، وفي وقت يواجه فيه حكام إيران ضغوطا داخلية وخارجية.

وبيّن أن الصفعة التي وجهها الحرس الثوري الإيراني للولايات المتحدة ضربة لهيبتها واستكبارها، في إشارة إلى قصف الحرس الثوري الإيراني لقاعدة عين الأسد الأميركية، معتبرا أن هذه الضربة كانت قاسية على الإدارة الأميركية.

وكان الحرس الثوري الإيراني قد أعلن فجر الثامن من يناير/كانون الثاني الحالي استهداف قاعدة عين الأسد التي تضم جنودا أميركيين في محافظة الأنبار العراقية بعشرات من صواريخ أرض أرض، مما أدى -بحسبه- إلى سقوط عشرات الضحايا.

وجاء هذه التحرك الإيراني عقب أيام من إقدام واشنطن على اغتيال الجنرال قاسم سليماني في العاصمة العراقية بغداد.

وقال خامنئي إن "قدرة إيران على توجيه مثل هذه الصفعة لقوة عالمية تظهر أن الله معنا"، ووصف توجيه ضربات صاروخية لأهداف أميركية في العراق بأنه "من أيام الله"، بينما تعالت الهتافات مرددة "الموت لأميركا".

وقال في كلمته التي ألقاها باللغتين الفارسية ثم العربية إن الولايات المتحدة هي التي أسست تنظيم الدولة الإسلامية، داعيا الولايات المتحدة لمغادرة المنطقة.

واتهم الإعلام الأميركي بأنه حاول التركيز على سقوط الطائرة الأوكرانية للتغطية على اغتيال سليماني، قائلا إن المأساة "المريرة" للطائرة الأوكرانية يجب ألا تطغى على "تضحية" سليماني.

واتهم خامنئي "أعداء إيران" -وهو تعبير يشير عادة إلى واشنطن حلفائها- بمحاولة استخدام مسألة إسقاط إيران طائرة أوكرانية بالخطأ للتغطية على مشاهد الحزن العامة التي أعقبت اغتيال قاسم سليماني قائد فيلق القدس في الحرس الثوري الإيراني.

وسقطت طائرة الركاب الأوكرانية في الثامن من يناير/كانون الثاني خلال ساعات التوتر التي أعقبت شنّ إيران هجمات صاروخية على أهداف أميركية في العراق، ردا على مقتل قاسم سليماني قائد فيلق القدس التابع للحرس الثوري الإيراني الذي كان مقربا من خامنئي، في ضربة جوية أميركية بطائرة مسيرة في بغداد في الثالث من الشهر نفسه.

وبعد أيام من نفي المسؤولية عن سقوط الطائرة، أقر الحرس الثوري بأن دفاعاته الجوية أسقطت الطائرة التابعة لشركة الخطوط الدولية الأوكرانية عن طريق الخطأ.

وسرعان ما تحول الحداد على 176 شخصا كانوا على متن الطائرة وقتلوا في الحادث، إلى احتجاجات ضد حكام إيران.

ودعا خامنئي الإيرانيين إلى وحدة الصف، مشيرا إلى أن الحرس الثوري الإيراني يحمي أمن إيران.

وبخصوص الملف النووي، قال خامنئي إنه لا يمكن الوثوق بالدول الأوروبية الثلاث المشاركة في الاتفاق النووي مع الولايات المتحدة، وإن سعيها لممارسة ضغوط على إيران لن تفلح، وذلك في إشارة إلى فرنسا وألمانيا وبريطانيا التي قامت بتفعيل آلية الفض النزاعات قبل ثلاثة أيام.

وتابع المرشد الإيراني أمام آلاف المصلين إن الدول الأوروبية "لا يمكن الوثوق بها" بعد أن فعّلت بريطانيا وفرنسا وألمانيا آلية تسوية النزاعات في الاتفاق النووي، وهو ما يمكن أن يؤدي إلى إعادة فرض عقوبات الأمم المتحدة.

قال المرشد الإيراني علي خامنئي إن الولايات المتحدة الأميركية كشفت عن وجهها الإرهابي باغتيالها الجنرال في فيلق القدس بالحرس الثوري الإيراني قاسم سليماني، معتبرا أن طهران وجهت صفعة لواشنطن.

جاء ذلك في أول خطبة جمعة يلقيها منذ عام 2012، في سياق من التوترات الشديدة مع الولايات المتحدة، وفي وقت يواجه فيه حكام إيران ضغوطا داخلية وخارجية.

وبيّن أن الصفعة التي وجهها الحرس الثوري الإيراني للولايات المتحدة ضربة لهيبتها واستكبارها، في إشارة إلى قصف الحرس الثوري الإيراني لقاعدة عين الأسد الأميركية، معتبرا أن هذه الضربة كانت قاسية على الإدارة الأميركية.

وكان الحرس الثوري الإيراني قد أعلن فجر الثامن من يناير/كانون الثاني الحالي استهداف قاعدة عين الأسد التي تضم جنودا أميركيين في محافظة الأنبار العراقية بعشرات من صواريخ أرض أرض، مما أدى -بحسبه- إلى سقوط عشرات الضحايا.

وجاء هذه التحرك الإيراني عقب أيام من إقدام واشنطن على اغتيال الجنرال قاسم سليماني في العاصمة العراقية بغداد.

وقال خامنئي إن "قدرة إيران على توجيه مثل هذه الصفعة لقوة عالمية تظهر أن الله معنا"، ووصف توجيه ضربات صاروخية لأهداف أميركية في العراق بأنه "من أيام الله"، بينما تعالت الهتافات مرددة "الموت لأميركا".

وقال في كلمته التي ألقاها باللغتين الفارسية ثم العربية إن الولايات المتحدة هي التي أسست تنظيم الدولة الإسلامية، داعيا الولايات المتحدة لمغادرة المنطقة.

واتهم الإعلام الأميركي بأنه حاول التركيز على سقوط الطائرة الأوكرانية للتغطية على اغتيال سليماني، قائلا إن المأساة "المريرة" للطائرة الأوكرانية يجب ألا تطغى على "تضحية" سليماني.

Friday, January 3, 2020

जनरल क़ासिम सुलेमानी की मौत मध्य-पूर्व में कितना बड़ा टर्निंग पॉइंट?

ईरान की क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख जनरल क़ासिम सुलेमानी की अमरीकी एयरस्ट्राइक में मौत हो गई है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सुलेमानी ईरान के लिए कितने अहम थे इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी मौत की ख़बर के आने के फ़ौरन बाद ही अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमरीका के राष्ट्रीय झंडे की तस्वीर ट्वीट की.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वहीं ईरान में तीन दिन का शोक घोषित करते हुए देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतोल्लाह अली ख़मेनेई ने कहा कि 'इस हमले के अपराधियों से गंभीर बदला' लेने का इंतज़ार है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ईरान सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कि कुछ घंटे के बाद देश की शीर्ष सुरक्षा एजेंसियां इस आपराधिक हमले को लेकर बैठक करेंगी.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वहीं ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद' क़रार देते हुए अमरीका को इसका ख़ामियाज़ा भुगतने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वहीं सुलेमानी की मौत के बाद अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने बयान दिया कि, "जनरल सुलेमानी और उनकी क़ुद्स फ़ोर्स सैकड़ों अमरीकियों और गठबंधन सहयोगियों के सदस्यों की मौत और हज़ारों अन्य लोगों को घायल करने की ज़िम्मेदार है."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

इन सब के बीच मध्य-पूर्व में आए इस नए भूचाल के बाद वैश्विक तेल की क़ीमतों में भी चार फ़ीसदी इज़ाफ़ा हो गया.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

जनरल सुलेमानी भले ही ईरान के एक बड़े सैन्यकर्मी और उभरते हुए नेता थे, अमरीका ने उन्हें और उनकी क़ुद्स फ़ोर्स को सैकड़ों अमरीकी नागरिकों की मौत का ज़िम्मेदार क़रार देते हुए 'आतंकवादी' घोषित कर रखा था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सुलेमानी को पश्चिम एशिया में ईरानी गतिविधियों को चलाने का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है. 1998 से सुलेमानी ईरान की क़ुद्स फ़ोर्स का नेतृत्व कर रहे हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वे ईरान की एक ख़ास शख़्सियत थे जिनकी क़ुद्स फ़ोर्स सीधे देश के सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह अली ख़मेनेई को रिपोर्ट करती है. सुलेमानी की पहचान देश के वीर के रूप में थी. ख़मेनेई ने उन्हें 'अमर शहीद' का ख़िताब दिया है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

उनकी एक बड़ी सफलता यह थी कि उन्होंने यमन से लेकर सीरिया तक और इराक़ से लेकर दूसरे मुल्कों तक रिश्तों का एक मज़बूत नेटवर्क तैयार किया ताकि इन देशों में ईरान का असर बढ़ाया जा सके.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सुलेमानी के नेतृत्व में ईरान की ख़ुफ़िया, आर्थिक और राजनीतिक पटल पर भी क़ुद्स फ़ोर्स का प्रभाव रहा है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ईरान के दक्षिण-पश्चिम प्रांत किरमान के एक ग़रीब परिवार से आने वाले सुलेमानी ने 13 साल की आयु से अपने परिवार के भरण पोषण में लग गए. अपने ख़ाली समय में वे वेटलिफ्टिंग करते और ख़ामनेई की बातें सुनते थे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

फॉरेन पॉलिसी पत्रिका के मुताबिक़ सुलेमानी 1979 में ईरान की सेना में शामिल हुए और महज़ छह हफ़्ते की ट्रेनिंग के बाद पश्चिम अज़रबैजान के एक संघर्ष में शामिल हुए थे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

इराक़-ईरान युद्ध के दौरान इराक़ की सीमाओं पर अपने नेतृत्व की वजह से वे राष्ट्रीय हीरो के तौर पर उभरे थे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सुलेमानी ने इराक़ और सीरिया में इस्लामिक स्टेट के मुक़ाबले कुर्द लड़ाकों और शिया मिलिशिया को एकजुट करने का काम किया.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

हिज़बुल्लाह और हमास के साथ-साथ सीरिया की बशर अल-असद सरकार को भी सुलेमानी का समर्थन प्राप्त था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

दूसरी तरफ़ सुलेमानी को अमरीका अपने सबसे बड़े दुश्मनों में से एक मानता था. अमरीका ने क़ुद्स फ़ोर्स को 25 अक्तूबर 2007 को ही आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था और इस संगठन के साथ किसी भी अमरीकी के लेनदेन किए जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

23 अक्तूबर 2018 को सऊदी अरब और बहरीन ने ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकवादी और इसकी क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख क़ासिम सुलेमानी को आतंकवादी घोषित किया था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सद्दाम हुसैन के साम्राज्य के पतन के बाद 2005 में इराक़ की नई सरकार के गठन के बाद से प्रधानमंत्रियों इब्राहिम अल-जाफ़री और नूरी अल-मलिकी के कार्यकाल के दौरान वहां की राजनीति में सुलेमानी का प्रभाव बढ़ता गया. उसी दौरान वहां की शिया समर्थित बद्र गुट को सरकार का हिस्सा बना दिया गया. बद्र संगठन को इराक़ में ईरान की सबसे पुरानी प्रॉक्सी फ़ोर्स कहा जाता है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

2011 में जब सीरिया में गृहयुद्ध छिड़ा तो सुलेमानी ने इराक़ के अपने इसी प्रॉक्सी फ़ोर्स को असद सरकार की मदद करने को कहा था जबकि अमरीका बशर अल-असद की सरकार को वहां से उखाड़ फेंकना चाहता था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ईरान पर अमरीकी प्रतिबंध और सऊदी अरब, यूएई और इसराइल की तरफ़ से दबाव किसी से छुपा नहीं है. और इतने सारे अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच अपने देश का प्रभाव बढ़ाने या यूं कहें कि बरक़रार रखने में जनरल क़ासिम सुलेमानी की भूमिका बेहद अहम थी और यही वजह थी कि वो अमरीका, सऊदी अरबऔर इसराइल की तिकड़ी की नज़रों में चढ़ गए थे. अमरीका ने तो उन्हें आतंकवादी भी घोषित कर रखा था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सुलेमानी का क़ुद्स फ़ोर्स इरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की विदेशी यूनिट का हिस्सा हैं. 1979 की ईरानी क्रांति के बाद उस वक़्त के ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतोल्लाह ख़ुमैनी के आदेश से रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स का गठन हुआ था. इसका मक़सद देश की इस्लामिक व्यवस्था की हिफ़ाज़त और नियमित सेना के साथ सत्ता का संतुलन बनाना था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ईरान में शाह के पतन के बाद ईरान में नई हुकूमत आई तो सरकार को लगा कि उन्हें एक ऐसी फ़ौज की ज़रूरत है जो नए निज़ाम और क्रांति के मक़सद की हिफ़ाज़त कर सके.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ईरान के मौलवियों ने एक नए क़ानून का मसौदा तैयार किया जिसमें नियमित सेना को देश की सरहद और आंतरिक सुरक्षा का ज़िम्मा दिया गया और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को निज़ाम की हिफ़ाज़त का काम दिया गया.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

लेकिन ज़मीन पर दोनों सेनाएं एक दूसरे के रास्ते में आती रही हैं. उदाहरण के लिए रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स क़ानून और व्यवस्था लागू करने में भी मदद करती हैं और सेना, नौसेना और वायुसेना को लगातार उसका सहारा मिलता रहा है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ऊपर बताई गई ईरान की इसी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की स्पेशल आर्मी है क़ुद्स फ़ोर्स जो विदेशों में संवेदनशील मिशन को अंजाम देती है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

हिज़बुल्लाह और इराक़ के शिया लड़ाकों जैसे ईरान के क़रीबी सशस्त्र गुटों को हथियार और ट्रेनिंग देने का काम भी क़ुद्स फ़ोर्स का ही है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

माना जाता है कि रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ईरान की अर्थव्यवस्था के एक तिहाई हिस्से को नियंत्रित करता है. अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही कई चैरिटी संस्थानों और कंपनियों पर उसका नियंत्रण है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ईरानी तेल निगम और इमाम रज़ा की दरगाह के बाद रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स मुल्क का तीसरा सबसे धनी संगठन है. इसके दम पर रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स में अच्छी सैलेरी पर धार्मिक नौजवानों की नियुक्ति की जाती है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

भले ही रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स में सैनिकों की संख्या नियमित सेना के सैनिकों की संख्या के मामले में क़रीब तीन लाख कम है लेकिन इसे ईरान की सबसे ताक़तवर फ़ौज के रूप में जाना जाता है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ये भी कहा जाता है कि दुनिया भर में ईरान के दूतावासों में रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के जवान ख़ुफ़िया कामों के लिए तैनात किए जाते हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ये विदेशों में ईरान के समर्थक सशस्त्र गुटों को हथियार और ट्रेनिंग मुहैया कराते हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

बीबीसी की चीफ़ इंटरनेशनल रिपोर्टर लीस डुसेट के मुताबिक़ क़ासिम सुलेमानी को मध्य-पूर्व में ईरान की महत्वाकांक्षा के मास्टरमाइंड और बात जब युद्ध और शांति की हो तो वास्तविक विदेश मंत्री के रूप में देखा जाता था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सुलेमानी सीरियाई संघर्ष में राष्ट्रपति बशर अल-असद के सलाहकार के रूप में भी देखे जाते थे. उन्हें इराक़ में चल रहे वर्तमान संघर्ष, इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ लड़ाई के साथ कई अन्य मोर्चे पर प्रमुख रणनीतिकार भी माना जाता था.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

जहां सुलेमानी की मौत को एक निर्णायक टर्निंग पॉइंट के तौर पर देखा जा रहा है वहीं ईरान और अमरीका और इनके सहयोगियों के बीच इसे एक बड़े संकट के रूप में भी देखा जा रहा है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

इनके रिश्ते में और तल्ख़ी आएगी और जैसा कि ख़ामनेई के बयान से लगता है, बदला भी लिए जाने की प्रबल संभावना है. नई परिस्थितियां पहले से अस्थिर मध्य पूर्व के इस हिस्से में और भी संकट की स्थिति पैदा करेंगी. मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

Tuesday, November 12, 2019

يوتيوب: شروط استخدام جديدة لغوغل قد تغلق الحسابات "غير المجدية تجاريا"

يتلقّى أصحاب حسابات يوتيوب منذ أيّام رسائل إلكترونية مفادها أن شروط استخدام يوتيوب وغوغل قد تغيّرت وأن العمل بالشروط الجديدة سيبدأ في العاشر من ديسمبر كانون الأوّل. لكن فقرة في تلك الشروط استوقفت الكثيرين.

بعض من فتح لائحة الشروط الجديدة ودقّق في محتواها فوجىء بتغيير تحت بند "تعليق الحساب وإنهاؤه" وتحت عنوان "الإنهاء من قبل يوتيوب بسبب تغييرات الخدمة".

البند المضاف يقول "إن من حق شركة يوتيوب إنهاء الخدمة المقدمة لك جزئيا أو كليا إذا اعتقدت، وفق تقديرها، أن توفير الخدمة لك غير مجد تجاريا".

أثار هذا البند قلق الكثير من مقدّمي المحتوى وأصحاب الصفحات على يوتيوب، الذين قد تغلق حسابات البريد الإلكتروني "ج-ميل Gmail" التابعة لهم استنادا إليه.

وفتح هذا الأمر باب التأويل لدى المتفاعلين مع هذا الإعلان والقلقين على مستقبل حساباتهم على غوغل ويوتيوب، وكثير منهم من العرب في المملكة العربية السعودية خاصة.

وفسّر كل البند بطريقة مختلفة.

فمن المعنيين بالبنود الجديدة من فهم الإعلان أن حسابه سيغلق إذا لم يحصل على القدر الكافي من الإعلانات المدفوعة.

ومنهم من رأى في هذا البند تمهيدا من يوتيوب لجعل الحسابات والصفحات مدفوعة الأجر.

وقال البعض إن "عدم وجود منافس حقيقي ليوتيوب يخوّل للشركة التحكّم في الحسابات والمحتوى بشكل كامل".

بينما عبّر البعض عن موافقتهم على هذا القرار على أمل "أن تغلق وفقا له الصفحات التي تنشر التحدّيات السخيفة"

قال آخرون إن القرار سيعود بالضرر على الشركة نفسها.

وقد اتصلت مدونة بي بي سي ترند بشركة غوغل طلبا لتوضيح البند والهدف منه وكيفية تحديد الشركة الحسابات "المجدية تجاريا" من غيرها.

Thursday, October 31, 2019

حارسة المرمى التي حظيت بأكثر من 76 مليون مشاهدة على يوتيوب

حققت حارسة مرمى جمهورية التشيك بارا فوتيكوفا شهرة كبيرة على يوتيوب، إذ حصلت مقاطع الفيديو الخاصة بمهاراتها وحياتها الاجتماعية على أكثر من 76 مليون مشاهدة، فضلاً عن كونها مؤلفة وفنانة كوميدية ومقدمة برامج.

وهي أيضا لاعبة نادي سلافيا براغ، ومن المقرر أن تواجه فريق آرسنال الإنجليزي في دوري أبطال أوروبا للنساء يوم الخميس المقبل.

وتُعرف فوتيكوفا نفسها بأنها "من ناحية لاعبة كرة قدم محترفة، ومن ناحية أخرى مدونة يوتيوب مجنونة" في كتابها الذي يحمل عنوان "مختلف قليلا".

وقد اختارت الفتاة البالغة من العمر 23 عاما أن تكشف عن ميولها المثلية في كتابها، حيث تحث القراء على "أن يعيشوا الحياة بالطريقة التي يريدونها تماما، ولا يأخذوا الأمور على محمل الجد ولا يخافوا من الحلم".

فما الذي كانت تحلم به فوتيكوفا، التي اجتذبت قناتها أكثر من 450 ألف مشترك، وقبل أن تصبح أحد أبرز لاعبات كرة القدم في بلادها؟

قالت فوتيكوفا لبي بي سي سبورت "عندما كنت أصغر سنا، أردت أن أكون ممثلة،أحببت دائما أن أجعل الآخرين سعداء ويضحكون".

وأضافت "لم أتمكن من المشاركة في أي أفلام أو مسلسلات، لذلك قررت استكشاف عالم يوتيوب. ورأيت أن المبدعين كانوا يصنعون أفلامهم الخاصة، ورسوماتهم الكوميدية الخاصة بهم وشخصياتهم، لذلك بدأت بالعمل بمفردي".

وأردفت قائلة "إني أشق طريقي الخاص. ربما سأذهب ذات يوم إلى صناعة السينما وأصور فيلمي الخاص".

وهي تعرض مقاطع الفيديو الخاصة بها ،والتي هي في الغالب رسومات كوميدية، وتقول إن المشاهدين يمكنهم "الخروج منها بأفكار جديدة وإدراك أن الفتيات يمكنهن لعب كرة القدم".

وقد انهالت عروض الرعاية من قبل شركات مثل بيبسي للمشروبات الغازية وأديداس للأزياء والأحذية الرياضية، على النادي بعد أن ساعدت فوتيكوفا فريق، سلافيا بلايغ، للوصول إلى ربع النهائي في دوري أبطال أوروبا في ثلاثة من المواسم الأربعة الماضية.

ويبدو الوصول إلى المركز ربع النهائي في هذا الموسم صعبا، حيث يتقدم حامل اللقب الإنجليزي آرسنال بخمس نقاط مقابل اثنين على الفريق التشيكي.

وقد تعرضت فوتيكوفا لإصابة في الفخذ منعتها من المشاركة في مباريات الذهاب.

ولكن بغض النظرعن نتيجة التعادل في 16 مشاركة لفريقها، فهي فخورة بإنجازاته على مستوى أوروبا.

اهمل يوتيوب الرسالة التي بعث بها Bára Votíková

وتقول فوتيكوفا "إنه نجاح كبير، خاصة بالنسبة لفريق ليس هو الأكبر".

وتضيف"المنافسة هائلة، لذلك نحن سعداء بمشاركتنا في دوري أبطال أوروبا. الكثير من أفضل الفرق في أوروبا غير قادر على المشاركة في الدوري، لذا يشرفني أن أكون هناك".

كما تقول" نحن متحمسون للعب ضد فريق مشهور جدا، وسنبذل قصارى جهدنا ونأمل أن نصل إلى جولة أخرى لكننا أيضا واقعيون، ولدينا احترام كبير لفريق أرسنال".

وترى فوتيكوفا أن لديها منصة أخرى لإلهام النساء حين تلعب لصالح فريق بلادها.

وتقول "إنها محاولة لأن أكون سفيرة بلادي لكرة القدم للسيدات، هذا شيء يعجبني حقا".

Tuesday, September 17, 2019

Половина животных, спасенных из Храма тигров в Таиланде, погибла

Более половины тигров, спасенных в 2016 году из монастыря в Таиланде, где им грозило жестокое обращение, погибли.

За три года с тех пор как животных спасли из монастыря в провинции Канчанабури, где в холодильнике были обнаружены останки тигрят и других животных, 86 из 147 спасенных тигров умерли.

Многие тигры скончались от заражения вирусом, после того как ослабли из-за переезда, сообщили в таиландской службе национальных парков.

Еще одна названная чиновниками причина - генетические проблемы из-за кровосмешения в этой группе животных. Но экологи сомневаются, что тигров правильно содержали.

Монахи храма, из которого спасли тигров, по-прежнему отрицают обвинения в жестоком обращении с животными и торговле их органами.

Храм в провинции Канчанабури, ранее известный как Храм тигров, закрыт с 2016 года. В отношении его монахов рассматривается несколько судебных исков.

С момента вывоза их из храма в 2016 году животных содержали на двух базах в соседней провинции Ратчабури, так как считали, что тигры могут погибнуть в естественных условиях.

Но и в контролируемой среде из 147 тигров в выжил только 61. Представители властей говорят, что часть тигров заразилась вирусом чумки. Заболевшим тиграм было трудно дышать и есть, в результате большая часть скончалась.

Tuesday, August 27, 2019

泰国罕见公布国王贵妃照片 宫廷网站被挤爆

照片显示,现年34岁的贵妃诗妮娜•披拉萨甘娅妮(Sineenat Wongvajirapakdi)坐在战斗机驾驶舱内,穿着野战服,还有一张照片是她在举枪射击。

登基不久的67岁泰国国王玛哈·哇集拉隆功(Maha Vajiralongkorn)今年5月与王后苏提达成婚后,7月册封诗妮娜为贵妃。

与诗妮娜贵妃照片一起公布的,还有她的传记。

泰国王宫发表声明说,国王“下令”为诗妮娜“写王室传记”。她是一位受过专门训练的飞行员、护士和卫兵。

王后苏提达,现年41岁,曾经是空姐,后被任命为国王卫队的副队长。她在被册封为王后之前,是国王多年的女友,一直陪伴尚为王储的玛哈·哇集拉隆功国王出现在各种公开场合。

经过短暂的平静,香港街道过去这个周末再现严重警民冲突的画面,更出现暴力升级的趋势。同一时间,香港传媒引述消息指,香港政府计划行使权力订立紧急法律,特首林郑月娥在每周例行政府高层会议前接受傳媒访问时,没有否认消息,只说政府“有责任”检视任何可以提供“止暴制乱”手法的法律。

《星岛日报》周二(8月27日)引述消息人士报道,《紧急情况规例条例》授权香港政府在“紧急情况或危害公安”的情况出现时,订立任何行政长官认为“合乎公众利益的规例”,但没有说明政府会针对什么事情行使这个权力。

这条法律订明,香港行政长官可以制定法律对刊物、照片、通讯方法等进行“检查、管制及压制”。换句话说,行政长官可以利用它禁止报刊出版,也能禁止十分受示威者欢迎的Telegram、连登等通讯平台。

这条例也让行政长官也可以就任何人的“逮捕、羁留、驱逐及递解离境”作出规定。消息人士形容,这条修例授予的权力“相当广泛”,而且是香港本地法律,带来的震撼和冲击比动用解放军等中国大陆的力量维持治安要小。

香港示威者在两个多月反对《逃犯条例》修订引发的示威浪潮中,坚持要政府正式撤回修例建议、成立独立委员会调查风波等“五大诉求”。林郑月娥认为,香港政府不是没回应示威者的要求,而是“不接受”。她又指政府已经回应示威者最重求的诉求,即暂缓修例工作。

冠状病毒“政治危机”和后疫情世界:BBC专访历史学家赫拉利

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